आस्था सबल बनाती, तो अंधविश्वास कमजोर आस्था एक इन्सान को सबल बनाती है तो अंधविश्वास कमजोर करता है | आस्था एक साधारण इन्सान को आत्मविश्वास प्रदान करती है | अपने परिवार, समाज व् देश पर आस्था होना आवश्यक है | इसी प्रकार एक साधारण इन्सान को अपना आत्मबल बनाये रखने के लिए ईश्वर,भगवान, अल्लाह व् वाहे गुरु आदि में आस्था रखनी पड़ती है | ऐसे ही इंसानों को हम आस्तिक कहते है और जो इनमे वे जो विश्वास नहीं रखता उसे नास्तिक कहा जाता है | नास्तिक होना एक साधारण इन्सान के वश से बाहर है , क्योंकि इसके लिए बहुत बड़ा जिगर चाहिए या बहुत ही निर्भीक होने की आवश्यकता है | भगत सिहं नास्तिक थे शहीद-ए-आज़म भगत सिंह नास्तिक थे | उन्होंने इस सच्चाई को सहृदय स्वीकार किया तथा अपने को नास्तिक होने के कारणों को बहुत ही स्पष्ट तरीके से अपने लेख - ''मै नास्तिक क्यों?'' में वर्णन किया है | हर कोई भगत सिंह तो बनना चाहता है , लेकिन हमारे जैसे साधारण लोगों के लिए उनके आदर्शों तथा नीति पर चलना संभव नहीं | आम जीवन में देखा गया है कि आस्तिक व् नास्तिक इंसानों के कार्य समान रूप से होते रहते हैं, इस...