वह अकेला हो जाता, इसीलिए मार दिया

विकास गुप्ता, कोलकाता
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मेरे जाने के बाद मेरा बेटा अकेला हो जाता, इसीलिए मैंने बेटे की जान पहले ले ली. वारदात स्थल से मिले पत्र में कुछ ऐसा ही लिखा था. 
वारदात दिल दहला देने वाली है, जिसमें एक मां ने पहले अपने पांच वर्षीय बेटे का गला घोंट दिया और फिर धारदार हथियार (बोटी) से खुद का गला रेत लिया. उसने अपने शरीर की कई नसें भी काट लीं. अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने बेटे को मृत घोषित कर दिया, जबकि महिला की हालत नाजुक बनी हुई है. घटना दक्षिण कोलकाता के सव्रे पार्क इलाके के बैकुंठ साहा रोड में रविवार तड़के तीन बजे के करीब घटी. महिला का नाम देवजानी चौधरी (42) है. पुलिस के मुताबिक देवजानी के कमरे से मिले कागज में उसने बीमारी से परेशान होने के कारण ऐसा कदम उठाने की बात कही है. उसने घटना के लिए किसी को जिम्मेवार नहीं ठहराया है.
देहरादून से आकर भाई के घर रुकी थी
देवजानी के भाई दीपंकर राय ने पुलिस को बताया कि उसकी बहन देवजानी का विवाह देहरादून में डीआरडीओ के कंप्यूटर साइंस का काम करने वाले देवाशीष चौधरी के साथ हुई थी. शादी के बाद दोनों वहीं रह रहे थे. विवाह के बाद देवांको चौधरी (15) व देवांगन चौधरी (5) नामक उसके दो बेटे हुए. वह मानसिक रोग से ग्रसित हो गयी थी, जिसका इलाज कराने के लिए वह जनवरी में कोलकाता आ गयी. सव्रे पार्क में स्थित अपने दो भाई दीपंकर राय व सुभमय राय के पास अपने दोनों बेटों के साथ रह रही थी. देवजानी व उसका छोटा बेटा देवांगन बड़े भाई दीपंकर के फ्लैट में रहते थे, जबकि उसी बिल्डिंग के दूसरे फ्लैट में सुभमय के साथ बड़ा बेटा देवांको था. 
दरवाजा बंद मिलने पर हुआ शक
दीपंकर ने बताया कि बहन की मानसिक स्थिति सही नहीं रहने के कारण वह अपने कमरे में देवांगन को सुलाता था. रविवार तड़के तीन बजे के करीब देवांगन शौचालय के उठ गया, उसे शौच कराने के बाद लौटते समय देवजानी बेटे को उसके साथ रहने देने की बात कह कर अपने कमरे में ले गयी. सुबह जब काफी देर तक देवजानी का कमरा बंद पाया तो शक हुआ. जिसके बाद कमरा तोड़ने पर अंदर अचेत हालत में देवांगन को बिस्तर पर पड़ा देखा, जबकि फर्श पर लहूलुहान हालत में बहन देवजानी पड़ी हुई तड़प रही थी. घटना की जानकारी देहरादून में रहने वाले देवजानी के पति देवाशीष को दे दी गयी है.


साभार : प्रभात खबर 

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