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एक आइस्क्रीम की कीमत 40 हजार रुपये !

कब हुई घटना : 04 दिसंबर 2013 घटना की जगह : मुंबई का सांताक्रुज इलाका शिकायत दर्ज : 05 दिसंबर (कसबा थाना) गिरफ्तारी : 19 मार्च 2014 विकास गुप्ता, कोलकाता एक आइस्क्रीम की कीमत 40 हजार रुपये सुन कर आप चौंक सकते हैं, लेकिन महानगर के कसबा के निवासी सौमेंद्र चक्रवर्ती को एक आइस्क्रीम खाने की कीमत 40 हजार रुपये गंवा कर देनी पड़ी. इसमें उनका पूरा एकाउंट खाली हो गया. हालांकि आइस्क्रीम खाते वक्त उन्हें इसका एहसास नहीं था. उनके साथ यह ठगी मुंबई में हुई. जब वह कोलकाता लौटे तो मोबाइल पर एक के बाद एक आ रहे मैसेज को देख कर उनके होश उड़ गये, जिसमें उनके एकाउंट से रुपये निकाले जाने का मैसेज आ रहा था. इसके बाद उन्होंने कसबा में इसकी शिकायत दर्ज करायी. शिकायत से पुलिस भी थी हैरान- कसबा के निवासी सौमेंद्र चक्रवर्ती हैरतअंगेज शिकायत लेकर दक्षिण कोलकाता के कसबा थाने में पहुंचे. शिकायत में उन्होंने पुलिस को बताया कि मध्य रात अचानक एटीएम से एक के बाद एक रुपये निकालने का उनके मोबाइल में मैसेज आये. जिस समय रुपये निकाले जाने का मैसेज आया, उस समय मध्य रात का समय था लिहाजा वे परिवार के साथ घर पर ही थे. लेकिन उनके...

अरमान की अम्मी का खत

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बेटा अरमान,  तुम्हें अजीब लग रहा होगा कि अम्मी ने ये खत क्यों पकड़ा दिया, लेकिन इसे गौर से पढ़ना. दरअसल, पिछले दिनों खिदिरपुरवाली खाला का फोन आया था. तबसे मैं बहुत परेशान हूं. मुङो रातों को नींद नहीं आती. उसने बताया कि उसके पड़ोसियों के घर बहुत बड़ा हादसा हो गया. पड़ोसियों के लड़के रात को बाइक लेकर घूमने निकले थे और रास्ते पर करतब दिखा रहे थे. इसी बीच उनकी आपस में ही जोरदार टक्कर हो गयी, जिसमें पांच लड़के बुरी तरह जख्मी हो गये. एक ने तो वहीं सड़क पर ही दम तोड़ दिया, बाकियों को अस्पताल में दाखिल किया गया. इसमें एक की हालत बहुत बुरी है. खाला बोल रही थी, उस दिन रात भर पड़ोस से रोने-चीखने की आवाज आती रही. सुबह भी पूरे इलाके में मातम पसरा था. बेटा, मुङो बहुत डर लग रहा है. तू अब 17 साल हो गया है. तुङो पता है न, तुम्हारे अब्बू और हम सब तुम्हें कितना प्यार करते हैं. आज तक तुमने जो फरमाइश की, अब्बू ने पूरा किया. बाइक के लिए जिद पर अड़ा था, तो तेरे अब्बू ने बड़ी मुश्किल से रुपये जुटा कर तेरे लिए बाइक ला दी. जब से रमजान चढ़ा है, तू घर में रहता ही नहीं. रात-रात भर दोस्तों के साथ बाइक लेकर निकल...

म़ूढ़ीवाले का इंसाफ का तराजू

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राहुल मिश्र रोशनी से जगमगाते महानगर में ढिबरी के सहारे दुकान चलानेवाले मूढ़ीवाले चाचा के हम कायल हैं. शाम के वक्त नाश्ते के लिए जब दफ्तर से नीचे गली में निकलते हैं तो उनसे मुलाकात होती है. महीने के शुरू-शुरू में उन्हें हम नजरअंदाज कर देते हैं, क्योंकि उन दिनों जेब गरम रहती है और नाश्ते का प्लेट चाउमिन, कचौड़ी, समोसे, चॉप जैसे चटपटे व्यंजनों से सजता है, पर ज्यों -ज्यों कैलेंडर पर दिन नीचे उतरता जाता है, प्लेट से महंगे व्यंजन भी उतरते जाते हैं. यहां तक कि नाश्ते के लिए नीचे उतरने वाले पांच से सात जनों का गुट दो जनों में बदलने लगता है. हालत ये हो जाती कि कुछ लोग चोरी-चुपके अकेले ही मुंह मार आने में ही भलाई समझते हैं. यदि गुट में चले भी गये तो : तुम रखो, मैं देता हूं, की भाषा आज तो मेरी जेब खाली है में बदल जाती है. फिर कोने में ढिबरी जला कर बैठे मूढ़ीवाले चाचा सहारा बनते हैं. वहां 10 रु पये में दो जनों के भूख को शांत करने का इंतजाम हो जाता है. छोटी सी दुकान में बड़ा सा तराजू लगाये चाचा का अंदाज निराला है. अगर आपने दस रुपये दिये, और दो जगह मूढ़ी-चनाचूर मांग लिया तो थोड़ा इंतजार करना पड़ जाय...

मुस्कुराने की वजह तुम हो

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मोबाइल में छुपी थीं खुशियां  राहुल मिश्र  धर्मतल्ला में ट्राम लाइन के किनारे अंडा बेचनेवाला मो. हकीम जब पिछली बार गांव गया था तो बेटे दिलकैश को साथ ले आया. सोचा था महानगर में ही किसी स्कूल में एडमिशन करवा देंगे और फुरसत के वक्त में वह दुकान में भी हाथ बंटा देगा. हमेशा हंसने-खेलने वाले दिलकैश को न जाने क्या हो गया था. अब वह मायूस रहने लगा था. खुद को अकेला महसूस करने लगा था. आस-पास फुटपाथ पर रहनेवाले बच्चों के साथ खेलने, घुलने-मिलने में उसे डर महसूस होता था. एक बार तो उन लड़कों ने धक्के देकर भगा भी दिया था. हकीम कहते हैं : मेरा लाडला बेटा मानो बीमार-सा हो गया था. मुङो लगा कि कितना बड़ा गुनाह कर दिया, जो उसे यहां ले अया. उसे जब भी पूछता, बाबू क्या हुआ, तो वह कुछ भी नहीं कहता. बस गुमसुम हो जाता. अपने कलेजे के टुकड़े को इस तरह देख कर मैं भी निराश रहने लगा था.                           एक दिन एक लड़का मोबाइल फोन लेकर आया. दिखा कर कहने लगा कि इसमें कैमरा, गाना और गेम सब है. दामी है, पर तुन्हें  सस्ते में दूंगा. मेर...

नकली विदेशी क्रेडिट कार्डो से लगाता था बैंकों को चूना

चार शातिर गिरफ्तार इंटरनेट से विदेशी क्रेडिट कार्ड धारकों का डेटा खरीद कर बनाते थे नकली कार्ड गिरोह का मास्टर माइंड जयपुर का रहनेवाला गिरोह के चार सदस्यों में दो दुकान का डीलर भी गिरफ्तार एजेंट के पास से स्कीमर मशीन, दर्जनों क्रेडिट कार्ड व कार्ड स्पाइप मशीन जब्त कोलकाता. विदेश में रह रहे लोगों के क्रेडिट कार्ड का नकल बना कर उससे लाखों रुपये निकाल लेनेवाले एक शातिर गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने पकड़ा है. इस गिरोह ने भारतीय  बैंकों को करोड़ों रुपये का चूना लगाया है.  गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान के जयपुर का रहनेवाला राकेश कुमार शर्मा (32), बेहला निवासी कुलदीप सिंह राठौड़ (26), आसनसोल का हीरेन आचार्य (33) और पाटुली का सौम्मो बसु (23) है. राकेश गिरोह का मास्टरमाइंड है. कोलकाता पुलिस की बैंक धोखाधड़ी टीम ने महानगर के एक प्रसिद्ध होटल से सभी को गिरफ्तार किया है. उनके पास से तीन कार्ड स्वाइप मशीन, पांच ब्लैंक कार्ड, 12 डेविट कार्ड, एक लैपटॉप, एक स्कीमर मशीन और पांच मोबाइल मिले हैं. सभी आरोपियों को बैंकशाल कोर्ट में पेश करने पर अदालत ने उन्हें पांच अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज ...

स्मार्टफोन है तो गर्लफ्रेंड भी मिल जायेगी

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अब गर्ल फ्रेंड बनाने के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत नहीं करनी पड़ेगी. अगर आपके पास स्मार्टफोन है तो एप्स डाउनलोड कर लीजिए और फिर ढूंढ लीजिए अपनी मनपसंद गर्ल फ्रेंड. जी हां, वक्त तेजी से बदल रहा है. प्यार का तरीका भी बदल गया है. पहले जिस प्यार को पाने के लिए लंबी मश्क्कत करनी पड़ती थी, अब वही प्यार स्मार्टफोन के डेटिंग एप्स पर मौजूद है. हालांकि ये एप्स कितने भरोसेमंद हैं, यह कहना मुश्किल है. तरह तरह के एप्स फ्लर्ट करने से लेकर चैटिंग और डेटिंग तक के एप्स एंड्रॉयड और आई फोन के लिए डाउनलोड किए जा सकते हैं. यह आप पर निर्भर करता है कि आप उसमें किस तरह लॉगइन कर रहे हैं. कई एप तो फेसबुक से जुड़े होते हैं, जो विश्वसनीयता बनाए रखने में मदद करते हैं. हां या ना डेटिंग एप टिंडर काफी लोकिप्रय है. असल में इस एप के जरिए आप अपने पार्टनर को या तो सिलेक्ट कर सकते हैं या रिजेक्ट. बस स्क्र ीन स्वाइप कीजिए और आपके सपनों का राजकुमार या राजकुमारी आपके पास होगी. 2012 में लॉन्च होने के 6 महीने बाद ही टिंडर के पांच लाख यूजर हो गए. टिंडर एप युवाओं में ज्यादा लोकिप्रय है. इसके औसत यूजर 23 साल की उम्र वाले हैं. ओके क्य...

30 लाख दो, मेरा पति ले लो

शादी की मांग कर रही पति की प्रेमिका के सामने पत्नी का ऑफर शादीशुदा होने के बावजूद शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक संबंध बनाया विकास गुप्ता, कोलकाता कोलकाता में पिछले दिनों एक अजीबोगरीब घटना सामने आयी, जहां एक पत्नी ने 30 लाख रुपये देने पर पति को हमेशा के लिए छोड़ देने का ऑफर दे दिया. यह ऑफर उसने पति की प्रेमिका को दिया, जो उसके पति से शादी की मांग करते हुए उसके घर पहुंची थी. प्रेमिका का कहना था कि महिला के पति ने उसके साथ दुष्कर्म किया है, इसीलिए उसे उससे शादी करनी होगी. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शादी की मांग कर रही पति की प्रेमिका को उसकी पत्नी ने कहा : ठीक है तुम मेरे पति के साथ जो करना है कर सकती हो. लेकिन उसके पहले तुम्हें मेरी शर्त माननी होगी. हमारे तीन बच्चे हैं, जिनके पालन पोषण के लिए 30 लाख रुपये दे दो और मेरे पति को ले लो. पत्नी के इस ऑफर से प्रेमिका तिलमिला गयी और हंगामा करने लगी. दोनों महिलाएं आपस में जोर-जोर से झगड़ने लगी. ऐसे में रात के समय शोर-शराबा सुन कर पूरा मोहल्ला घर पर जुट गया. इतने में इलाके में हंगामा की खबर पा कर थाने से पुलिस मौके पर पहुंच गये. पुलिस को देख कर ...